क्या बांकीपुर उपचुनाव में उतरेंगे प्रशांत किशोर? बोले- ‘अगर BJP को हराना है तो…’

पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। यह सीट लंबे समय से बीजेपी के कब्जे में रही है और पिछले 40-45 वर्षों से यहां किसी दूसरी पार्टी को जीत नहीं मिल पाई है। इसी पृष्ठभूमि में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोमवार, 25 मई 2026 को पूर्वी चंपारण में बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि जन सुराज बांकीपुर से पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगा और बीजेपी को उसके ही गढ़ में हराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। किशोर ने यह भी कहा कि पार्टी अपनी उपलब्ध संसाधनों और संगठनात्मक ताकत के साथ इस सीट पर पूरी ताकत झोंकेगी।
जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या वे खुद बांकीपुर से चुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया लेकिन संकेत दिया कि जो भी करना पड़ेगा, किया जाएगा। उनके बयान को राजनीतिक हलकों में एक मजबूत इशारा माना जा रहा है कि जन सुराज इस सीट को प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में ले रहा है। किशोर ने कहा कि नितिन नवीन, जो पहले इस सीट से विधायक थे, अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुके हैं, इसलिए यह सीट बीजेपी के लिए भी सम्मान की बात है।
प्रशांत किशोर ने बिहार में हालिया आपराधिक घटनाओं पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। पटना के एक होटल में लड़की के साथ बदसलूकी की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है, लेकिन कुछ दिनों की चर्चा के बाद सब शांत हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब गलत लोगों को सत्ता सौंपी जाती है, तो ऐसे हालात बनते हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने वाली सरकार उस होटल पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही। किशोर ने इसे “जंगलराज के लौटने की आहट” बताया।
उन्होंने नीट की छात्रा से जुड़े दुष्कर्म और हत्या के मामले का भी उल्लेख किया और पूछा कि उस हॉस्टल के मालिक पर क्या कार्रवाई हुई। उनके अनुसार, यदि सत्ता में बैठे लोगों का चरित्र दागदार होगा, तो इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी। किशोर ने कहा कि केवल नेता ही नहीं, जनता भी गलत विकल्प चुनती है तो उसका परिणाम पूरे समाज को भुगतना पड़ता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि जिन लोगों के साथ अन्याय हुआ है, जन सुराज उनके साथ खड़ा है और जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद करेगा।
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर भी प्रशांत किशोर ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि चुनाव न होने पर सरकार जनता से पूरा टैक्स वसूलती है, जबकि चुनाव आते ही मुद्दे बदल जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार के लोग पिछले पांच साल से यूपी की तुलना में पेट्रोल-डीजल पर पांच रुपये प्रति लीटर ज्यादा दे रहे हैं। किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि जिस एनडीए सरकार को जनता ने भारी समर्थन दिया है, उसी के शासन में यह बोझ बढ़ा है, इसलिए अब लोगों को 10 रुपये ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं।




