Bobby Deol Reveals Pain of Being Dropped from Jab We Met: “I Brought the Director and Actress, Yet I Was Replaced”

बॉबी देओल इन दिनों अपनी आगामी फिल्म बंदर को लेकर चर्चा में हैं, जो 5 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी इस फिल्म में बॉबी एक ऐसे टीवी अभिनेता की भूमिका निभा रहे हैं, जिसकी स्टारडम ढलान पर है और जिसकी जिंदगी एक यंग लड़की के लगाए गए सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोपों के बाद उलझ जाती है। फिल्म के प्रमोशन के दौरान बॉबी ने अपने करियर के मुश्किल दौरों, उनसे मिले मानसिक दबाव, गुस्से और निराशा को लेकर खुलकर बात की और बताया कि कैसे इन अनुभवों ने उन्हें बेहतर इंसान और बेहतर कलाकार बनने में मदद की।
बॉबी देओल के करियर का एक बड़ा झटका तब लगा था जब इम्तियाज अली की चर्चित फिल्म जब वी मेट में उन्हें शाहिद कपूर से रिप्लेस कर दिया गया। बॉबी के अनुसार, इस फिल्म को लेकर शुरुआती बातचीत के वक्त से ही वह इस प्रोजेक्ट से जुड़े हुए थे। उन्होंने खुद अलग-अलग प्रोडक्शन हाउस के सामने यह फिल्म रखी थी और उन्हें इम्तियाज अली के काम पर पहले से भरोसा था। खासतौर पर उन्हें 2005 में आई सोचा ना था से इम्तियाज की निर्देशन क्षमता का अंदाजा हुआ था, जिसे उन्होंने बेहद प्रभावशाली माना था।
बॉबी ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि जिस कहानी को उन्होंने आगे बढ़ाया था, उसी विषय, उसी निर्देशक और उसी अभिनेत्री के साथ फिल्म तो बनी, लेकिन मुख्य भूमिका में उनकी जगह शाहिद कपूर को ले लिया गया, तो यह उनके लिए भावनात्मक रूप से बहुत बड़ा झटका था। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय उनका दिल टूट गया था, क्योंकि करियर के उस दौर में उन्हें ऐसी ही एक मजबूत फिल्म की जरूरत थी। बॉबी के मुताबिक, उन्हें विश्वास था कि यह प्रोजेक्ट उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता था, लेकिन उद्योग की व्यावसायिक परिस्थितियों और उनकी उस समय की स्थिति ने चीजें बदल दीं।
बॉबी ने यह भी कहा कि उस दौर में जब किसी कलाकार की बाजार में मजबूत स्थिति नहीं होती, तो उसके साथ कम लोग खड़े होते हैं। उन्होंने बताया कि जिस प्रोडक्शन हाउस को उन्होंने फिल्म का विचार सुनाया था, उसने बाद में इम्तियाज अली को महंगा निर्देशक बताया, लेकिन उसी बैनर ने आगे चलकर इम्तियाज और करीना कपूर के साथ मिलकर बड़ी सफलता हासिल की। बॉबी ने इस पूरी घटना को अब पीछे मुड़कर देखने पर एक सीख की तरह लिया है।
उन्होंने साफ कहा कि अब उनके मन में किसी के लिए कोई नाराजगी नहीं है। उनके मुताबिक, जिंदगी हमेशा आसान नहीं होती और हर बार सब कुछ उम्मीद के मुताबिक नहीं होता। उन्होंने बताया कि खुद पर काम करने की प्रक्रिया के दौरान उन्होंने अपने दर्द और गुस्से को अपनी ताकत में बदलना सीखा। बॉबी का कहना है कि लगातार दुख में बैठे रहना समाधान नहीं है, बल्कि अनुभवों से सीखकर आगे बढ़ना ही असली रास्ता है। उनके अनुसार, इन्हीं कठिन अनुभवों ने उन्हें आज बेहतर इंसान और बेहतर अभिनेता बनाया है।
दूसरी ओर, इम्तियाज अली ने इस घटनाक्रम को अलग नजरिए से देखा था। 2023 में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि सोचा ना था के बाद वह दो साल तक नई फिल्म शुरू नहीं करना चाहते थे, क्योंकि वे चाहते थे कि जब वी मेट बॉबी देओल के साथ बने। हालांकि, उस समय बॉबी को बड़े निर्देशकों से दूसरे ऑफर मिल रहे थे और वे इंतजार नहीं कर पा रहे थे। इम्तियाज के मुताबिक, सोचा ना था बनाने में उन्हें पांच साल लगे थे और उसके बाद भी दो साल तक काम न होने से उन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। इसी वजह से उन्होंने बॉबी से कहा था कि शायद बेहतर होगा कि यह फिल्म साथ में न की जाए और दोस्ती बरकरार रखी जाए।
आज बॉबी देओल अपने करियर के उन उतार-चढ़ावों को पीछे छोड़कर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे हैं, और बंदर उनके इस नए दौर की एक अहम फिल्म मानी जा रही है।




