Politics

Iran Deal Divide: Where Trump’s Republican Lawmakers Are Split Over Key Issues

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर रविवार को पूरे दिन तेज़ हलचल रही, लेकिन रात तक यह साफ़ हो गया कि फिलहाल किसी अंतिम समझौते पर पहुंचना संभव नहीं हो पाया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिन में संकेत दिया था कि कुछ और अपडेट जल्द आ सकते हैं, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि बातचीत जारी है, लेकिन दोनों पक्षों को जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए। ट्रंप ने दोहराया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता और अमेरिकी वार्ताकारों को किसी भी समझौते में धैर्य बरतने को कहा।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने भी माना कि पिछले एक हफ्ते में दोनों देशों के रुख़ में कुछ नज़दीकी आई है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि अहम मुद्दों पर सहमति बन ही जाएगी। इस बीच, इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने संभावित समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी अंतिम समझौते में “परमाणु ख़तरे” का अंत होना चाहिए और इसराइल की नीति यही है कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों। एक वरिष्ठ इसराइली अधिकारी के मुताबिक नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इसराइल क्षेत्र में सभी ख़तरों के खिलाफ कार्रवाई की स्वतंत्रता बनाए रखेगा, जिसमें लेबनान भी शामिल है।

संभावित समझौते की खबरों पर ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी मतभेद सामने आए। सीनेटर टेड क्रूज़ ने कहा कि वह संभावित शर्तों को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं और चेतावनी दी कि यदि ईरानी शासन को अरबों डॉलर, यूरेनियम संवर्धन की क्षमता और परमाणु हथियार बनाने की राह मिलती है, तो यह विनाशकारी गलती होगी। इसके उलट, कांग्रेसमैन थॉमस मैसी ने संकेत दिया कि अगर सीनेटर लिंडसे ग्राहम और टेड क्रूज़ इसका विरोध कर रहे हैं, तो शायद यह कोई अच्छा समझौता हो सकता है। सीनेटर थॉम टिलिस ने संभावित प्रस्ताव को भ्रमित करने वाला बताया, जबकि सीनेट मेजॉरिटी व्हिप जॉन बरासो ने कहा कि ट्रंप ने अमेरिकी ताकत दिखाकर ईरान को बातचीत की मेज़ पर लाया है।

डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने कहा कि कांग्रेस में युद्ध शक्तियों से जुड़े प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त समर्थन मौजूद है। उन्होंने तर्क दिया कि आर्थिक दबाव—जैसे ईंधन और उर्वरक की कीमतें—ट्रंप पर समझौता करने का दबाव बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस राष्ट्रपति पर दबाव बनाकर युद्ध को खत्म कराने में भूमिका निभा सकती है।

बीबीसी के अनुसार ट्रंप ने कहा है कि किसी भी समझौते के लिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना होगा। ईरानी मीडिया ने संकेत दिया कि 30 दिनों में यातायात युद्ध-पूर्व स्तर के करीब लौट सकता है, हालांकि पूरी पूर्व स्थिति बहाल होना तय नहीं है। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु सामग्री, यूरेनियम भंडार और प्रतिबंधों जैसे अहम मुद्दों पर अभी भी गहरी अनिश्चितता बनी हुई है।

Harish Yadav

Editor at PPC Herald, handles news and article writing and proofreading.

Related Articles

Back to top button