Bharat Economic Samvad: Manufacturing Sector Holds Major Job Potential, Says ISID Director Dr. Nagesh Kumar

CNBC आवाज के खास कार्यक्रम “भारत इकोनॉमिक संवाद” में देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और इंडस्ट्री के भविष्य को लेकर अहम चर्चा हुई। कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और मार्केट एक्सपर्ट्स ने भारत की विकास यात्रा और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विचार साझा किए। इस दौरान इंस्टीट्यूट फॉर स्टडीज इन इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (ISID) के डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव डॉ. नागेश कुमार ने कहा कि आने वाले वर्षों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर भारत के लिए सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र बन सकता है।
डॉ. नागेश कुमार ने कहा कि भारत की युवा आबादी तेजी से बढ़ रही है और इस जनसांख्यिकीय लाभ का उपयोग तभी संभव है जब देश में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने वाले सेक्टरों को मजबूत किया जाए। उनके मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग ऐसा क्षेत्र है जो न केवल सीधे रोजगार देता है, बल्कि इसके आसपास कई सहायक उद्योगों और सेवाओं में भी अवसर पैदा करता है। फैक्ट्रियों, उत्पादन इकाइयों और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से ट्रांसपोर्ट, सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, छोटे कारोबार और अन्य सेवाओं में भी नौकरियों की संख्या बढ़ती है।
उन्होंने यह भी कहा कि सर्विस सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जिससे कई पारंपरिक कामों में मानव श्रम की जरूरत कम हो सकती है। ऐसे में सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित होने की आशंका है। इसके उलट, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अभी भी बड़े पैमाने पर लोगों को काम देने की क्षमता रखता है और लंबे समय तक रोजगार का मजबूत आधार बन सकता है।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत को ऐसे सेक्टरों पर ध्यान देना चाहिए जहां उत्पादकता अधिक हो और रोजगार सृजन की संभावना भी स्थायी बनी रहे। डॉ. नागेश कुमार का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से आर्थिक विकास की रफ्तार तेज होगी और युवाओं को बेहतर करियर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि भारत को केवल उपभोक्ता बाजार के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित होना चाहिए।
इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक तकनीक और स्किल डेवलपमेंट में लगातार निवेश की जरूरत बताई गई। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से विस्तार करता है, तो इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और करोड़ों लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।
कुल मिलाकर, “भारत इकोनॉमिक संवाद” में यह संदेश उभरकर सामने आया कि भारत के भविष्य, औद्योगिक विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की भूमिका निर्णायक रहने वाली है।





